भारत के वनों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
Important points of Indian vegetation (Forest)
भारत विविधताओं वाला देश है, यहां पहनावा, खान पान समेत वनस्पतियों में भी विविधता मौजूद है। यह लेख भारत के वनों के बारे में आपको जानकारी देगा।
भारत मे वनस्पति के आधार पर वनों को 5 प्रकारों में बाँटा जाता है, आइए प्रत्येक के बारे में जानते हैं-
1. उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन
भारत की स्तिथि कर्क और विषुवत रेखा के आसपास है इस कारण यहां की जलवायु उष्ण अर्थात गर्म है। उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन बहुत घने वन होते हैं, जिन क्षेत्रों में बहुत अधिक वर्षा होती है इसलिए इस वन के वृक्ष बहुत ही घने होते हैं। वन इतने घने होते हैं कि सूरज की किरणें पेड़ो की पत्तियो से रुक कर धरती तक नहीं पहुंच पाती। अधिक वर्षा के कारण वृक्षों को बहुत अधिक जल मिलता है इस कारण इस वन के पेड़ों की पत्तियाँ चौड़ी होती है जो ज़्यादा जल अंदर समेटती हैं। इन वनों को सदाबहार वन भी कहते हैं क्योंकि साल भर हरे भरे दिखते हैं।
यह वन समुद्र के आसपास और अधिक वर्षा वाले स्थानों पर पाए जाते हैं, मुख्य रुप से अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, उत्तर पूर्वी भारत, पश्चिमी घाट तथा हिमालय की तलहटी में पाए जाते हैं।
इस वन में महोगनी, एबोनी, रोजवुड, आदि वृक्ष पाए जाते हैं।
2. उष्ण कटिबंधीय पतझड़ वन
यह वन उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहां वर्षा वनों से कम वर्षा होती है, यह भारत के ज़्यादातर हिस्सों में पाया जाता है। इस वन के पेड़ एक ही समय मे अपनी पत्तियाँ गिराते हैं इसलिए ये पतझड़ वन कहलाते हैं, इस वन को वर्षा मानसून से प्राप्त होती है इसलिए इन्हें मानसूनी वन भी कहा जाता है। इनके प्रमुख वृक्ष नीम, आम, साल, सागौन, शीशम, पीपल आदि हैं।
मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तरप्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र में यह वन पाए जाते हैं।
3. कंटीली झाड़ियाँ
जिन क्षेत्रों में वर्षा बहुत ही कम होती है वहां के वृक्ष पानी की कमी को पूरा करने के लिए पत्तियों को बहुत ही सिकोड़ लेते हैं और कांटे बन जाते हैं। बबूल, कीकर, खैर, नागफनी मुख्य कांटेदार वनस्पति हैं। राजस्थान, पंजाब का कुछ भाग, गुजरात का कुछ भाग में ये वन पाए जाते हैं।
4. पर्वतीय वन
यह वन पर्वतीय क्षेत्रों में 1500 से 2500 किलोमीटर की ऊंचाई पर पाए जाते हैं, इन पेड़ों काआकर शंकु जैसा होता है, यह शंकुधारी वन भी कहे जाते हैं।
देवदार, चीड़, पाइन इनके प्रमुख वृक्ष हैं।
5. मैंग्रोव वन
वे क्षेत्र जहाँ खारे पानी की अधिकता होती है वहाँ मैंग्रोव वन पाए जाते हैं, इस वन के पेड़ों की जड़े क्षारीय होती हैं। यह वन मुख्य रुप से पश्चिम बंगाल और अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में पाया जाता है। इस वन में सुंदरी नामक वृक्ष ज़्यादा पाए जाते हैं, इन्ही के नाम पर सुंदरवन देल






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