भारत के संविधान से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य । Important point of indian constitution
विषय का परिचय
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में भारतीय राज्यव्यवस्था से जुड़े प्रश्नों में भारत के संविधान से कुछ प्रश्न ज़रूर पूछे जाते हैं। इनसे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न बनते हैं जो आज हम तथ्य के रुप में आपके सामने पेश कर रहे हैं।
संविधान का परिचय
पूरे विश्व मे 2 तरह के संविधान का प्रचलन है, लिखित और मौखिक। भारत का संविधान लिखित रुप में है अर्थात पूरा संविधान एक किताब की तरह मौजूद है जबकि ब्रिटेन का संविधान मौखिक संविधान है जो सिर्फ परम्पराओं की तरह याद किया हुआ है।
संविधान सभा का विचार
संविधान निर्माण का कार्य संविधान सभा ने किया, इस सभा का विचार एम एन रॉय ने 1934 में दिया। 1935 में कांग्रेस ने इस सभा के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी।इसी तरह 1942 में क्रिप्स मिशन ने भी ऐसी सभा का विचार दिया, अंत मे कैबिनेट मिशन द्वारा इस सभा का गठन किया।
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सभा की विशेषता
सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 तय की गई थी तथा इनके सदस्यों को चुनाव द्वारा नियुक्त किया गया।संविधान के निर्माता कहे जाने वाले डॉ अम्बेडकर ने पश्चिम बंगाल से चुनाव लड़ा तथा संविधान सभा के सदस्य नियुक्त हुए, परन्तु पाकिस्तान बनने के बाद बंगाल पाकिस्तान में शामिल हो गया इस कारण अम्बेडकर ने दोबारा पूना से चुनाव लड़ा तथा सदस्य के पद पर बने रहे।
संविधान सभा के सदस्य
सच्चिदानंद सिन्हा को संविधान सभा का अस्थाई अध्यक्ष चुना गया तथा 2 दिन बाद राजेंद्र प्रसाद को स्थाई अध्यक्ष चुना गया।यहां यह जानने योग्य है कि हैदराबाद ही केवल ऐसा प्रान्त था जहां से कोई भी प्रतिनिधि संविधान सभा मे शामिल नही हुआ था।विभाजन के बाद 299 सदस्य ही बाकी रहे, संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर 1946 को हुई। 13 दिसम्बर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया इसी के बाद सभा ने अपना काम शुरु किया।
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संविधान निर्माण का समय
संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार के रूप में बी एन राव को नियुक्त किया गया, बी आर अम्बेडकर को प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाया गया।संविधान सभा ने 2 साल 11 महीने और 18 दिन में संविधान निर्माण का काम पूरा कर दिया।संविधान 26 नवम्बर 1949 को बन कर तैयार हुआ परन्तु इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन चुना गया।
संविधान का मूल रुप
26 जनवरी का दिन कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन के समय स्वतन्त्रता दिवस के रुप मे चुना गया था। वर्तमान में 26 जनवरी को गणतंत्र के रूप में जाना जाता है। 26 नवम्बर को विधि दिवस के रुप मे मनाया जाता है। मूल संविधान में 22 भाग 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूचियाँ थी।संविधान पर 8 महिलाओं ने अपने हस्ताक्षर किए।

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