पर्वत और उसके प्रकार | कुछ महत्वपूर्ण तथ्य 2018
Types of Mountains | Ssc, Bank, Railway, Dsssb, Kv And other competitive Exams!
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पर्वत से जुड़े कुछ प्रश्नन देखने को मिलते हैं। पर्वत का विषय एक विस्तृत विषय है जिसे एक साथ पेश करना थोड़ा मुश्किल और उबाऊ हो सकता है।
इस आर्टिकल में हम पर्वत के प्रकारों के बारे में पढेंगे।
क्या होते हैं पर्वत?
धरातल का स्तर कहीं भी एक समान नहीं है, कहीं धरातल उबड़ खाबड़ है तो कहीं समतल मैदान तो कहीं थोड़ी ऊंचाई है तो कहीं बहुत अधिक ऊंचाई।
धरातल का वह क्षेत्र जो सामान्य से बहुत ऊंचा हो पर्वत कहलाता है, पर्वतो का निर्माण धरातल पर होने वाले विभिन्न प्रक्रियाओं के कारण होता है।
इन्ही प्रक्रियाओं के आधार पर पर्वतों को मुख्यतः 3 प्रकारों में बांटा जाता है:
- वलित पर्वत
- ब्लॉक या खण्ड पर्वत
- ज्वालामुखी पर्वत
1. वलित पर्वत
इस प्रकार के पर्वत पृथ्वी की आंतरिक हलचलों के कारण बनते हैं। पृथ्वी के अंदर की प्लेटें हमेशा गति करती हैं और जब दो भूखण्ड की प्लेटें आपस मे टकराती हैं और भूखण्ड आपस मे टकरा कर ऊपर उठ जाता है तो वलित पर्वतो का निर्माण होता है। दो भूखण्ड टकराकर मुड़ जाते हैं तथा बहुत ऊंचे उठ जाते हैं।
वलित पर्वत का निर्माण अलग अलग क्षेत्रों में हुआ है, हिमालय पर्वत वलित पर्वत का सबसे अच्छा उदाहरण है। भारत का अरावली पर्वत, यूराल, अप्लेशिया, आल्प्स आदि वलित पर्वत के अन्य उदाहरण हैं।
2. ब्लॉक पर्वत
धरातल का एक बड़ा हिस्सा आंतरिक कारणों से टूटकर नीचे धँस जाता है अथवा अपरदित हो जाता है तथा बचा हुआ भाग काफी ऊंचा रह जाता है, इस तरह निर्मित हुए पर्वत खण्ड पर्वत कहलाते हैं।
इनका एक अन्य नाम भ्रंशोंत्थ पर्वत भी है।
राईन घाटी तथा वॉसजेस इस प्रकार के उदाहरण हैं।
3. ज्वालामुखी पर्वत
ज्वालामुखी के फटने से बाहर आया हुआ लावा जमकर ठंडा हो जाता है तथा पर्वत का रुप ले लेता है ऐसे पर्वत ज्वालामुखी पर्वत कहलाते हैं।
जापान का फ्यूजियामा पर्वत तथा अफ्रीका का किलिमंजारो पर्वत इसी प्रकार के पर्वत हैं।
इन तीन प्रकारों के अलावा एक अन्य प्रकार भी माना जाता है, अवशिष्ट पर्वत।इनका निर्माण मलबों के जमाव से होता है तथा इसका विस्तार एक दो पहाड़ियों के रूप में होता है।




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